ग्रहों के अत्यंत शुभ योग में की जाएगी अष्टमी पूजा : स्वामी पूर्णानंदपुरी जी महाराज

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सिकंदराराऊ : चैत्र नवरात्रि समापन की ओर बढ़ रहे हैं,नवरात्रि की सप्तमी तिथि पर मां दुर्गा की सातंवी शक्ति कालरात्रि, अष्टमी तिथि पर महागौरी और नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। मां दुर्गा की ये तीनों शक्तियां सभी का दुख दूर करने वाली और सुख-समृद्धि देने वाली मानी जाती है। इस बार सप्तमी तिथि पर राजयोग,अष्टमी तिथि पर रवियोग और नवरात्रि के अंतिम दिन गुरु पुष्य योग के साथ अमृत सिद्धि योग का भी लाभ मिलेगा। इन शुभ योग से नवरात्रि की तीन तिथियों का भी महत्व बढ़ गया है। वैदिक ज्योतिष संस्थान के प्रमुख स्वामी श्री पूर्णानंदपुरी जी महाराज ने नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर पड़ने वाले शुभ योगों के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि इस बार चैत्र शुक्ल अष्टमी तिथि आज सांय शाम 7:02 से प्रारम्भ होकर कल रात्रि 9:07 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार दुर्गा अष्टमी का व्रत 29 मार्च को रखा जाएगा।चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर ग्रहों का अद्भुत संयोग बन रहा है। 700 वर्षों बाद बन रहे ग्रहों के इस अद्भुत संयोग में सात ग्रह 4 राशियों में विराजमान होंगे।
स्वामी पूर्णानंदपुरी जी महाराज ने बताया कि वर्तमान समय में गुरु ग्रह मीन राशि आसीन हैं और मेष राशि में बुध ग्रह हैं। सूर्य देव मीन राशि में उपस्थित हैं और शनि देव स्वराशि में कुंभ में बैठे हुए हैं। शुक्र मेष राशि में गोचर करेंगे और इस राशि में राहु पहले से ही उपस्थित है। ग्रहों के इस अद्भुत गठबंधन से मालव्य, केदार, हंस और महाभाग्य योग का निर्माण हो रहा है। मालव्य योग का निर्माण मेष राशि में शुक्र गोचर से हो रहा है और मीन राशि में हंस योग और लग्न में सूर्य देव की उपस्थिति से महाभाग्य योग का निर्माण हो रहा है। वैदिक ज्योतिष संस्थान पर शतचंडी अनुष्ठान की पूजा सांय 7 बजे की जाएगी |

INPUT- VINAY CHATURVEDI 

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