अलीगढ़ : ड्यूटी के दौरान नेवी के जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत,नहीं मिला राजकीय सम्मान,परिवार ने नाराज होकर रॉड किया जाम

1 min read
Spread the love

अलीगढ़ :  भारतीय नौ सेना के जवान तुषार चौधरी की ड्यूटी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होगई,जवान के पार्थिव शरीर को को दो दिन बाद गांव में लाया गया,परिजनों के द्वारा जवान के पार्थिव शरीर के साथ सेना के जवान ना आने से गुस्सा फूट पड़ा,परिजनों का कहना था उनका बेटा शहीद हुआ है,लेकिन सेना के अफसरों के द्वारा परिजनों को फोन पर आत्मदाह करने का हवाला दिया है,यही कारण है सेना ने जवान के शरीर के साथ राजकीय सम्मान के लिए कोई सेना की टुकड़ी नहीं भेजी,बताया जाता है जवान तुषार अत्री केरल के कोच्चि में नौसेना बेस पर ड्यूटी पर तैनात थे। शहीद जवान तुषार अलीगढ़ के जरैलिया गांव के रहने वाले थे। तुषार अत्री की मौत की सूचना पर पूरे गांव में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं अभी गांव में तुषार अत्री के शव आने के बाद परिजनों के साथ ग्रामीण हाइवे की ओर दौड़ पड़े और रॉड को जाम कर दिया,दरअसल अलीगढ़ जिले के तहँसील खैर में स्थित गांव जरेलिया निवासी तुषार अत्री,केरल के कोच्चि में नौसेना बेस पर मंगलवार को 19 वर्षीय नाविक सुरक्षा गार्ड को गोली का घाव लगने से मृत पाया गया। एर्नाकुलम हार्बर पुलिस को इस घटना की नौसेना द्वारा जांच के आदेश दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार तुषार अत्री अलीगढ़ का रहने वाला था। नौसेना बेस के अंदर एक सुरक्षा जांच चौकी पर ड्यूटी पर था। सूत्रों के अनुसार सुबह उसके सहकर्मियों ने उसे ड्यूटी के दौरान मृत पाया।बताया जा रहा है कि तुषार अत्री एक साल से नौसेना में काम कर रहा था। वहीं सोमवार को नेबल बेस के एक पैरामीटर पोस्ट पर ड्यूटी पर तैनात किया गया था। वहीं नियमित निरीक्षण दल ने तुषार को फर्श पर पड़ा पाया।उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसे मृत घोषित कर दिया गया। नौ सेना और पुलिस दोनों ने ही अपनी जांच शुरू कर दी है। मौत के कारणों का पता किया जा रहा है हालांकि नौसेना ने परिजनों को प्रारंभिक निष्कर्ष के अनुसार आत्महत्या की तरफ इशारा किया जा रहा है।वहीं जैसे ही जवान का पार्थिव शरीर गांव में आया तो पार्थिव शरीर के साथ सेना की कोई टुकड़ी ना आने से परिजनों में गुस्सा व्याप्त हो गया परिजनों के द्वारा अपने बेटे तुषार को शहीद होने बताया गया,जिसके बाद परिजनों के द्वारा स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी ना होने और सेना की टुकड़ी ना होने से नाराज होकर गांव से निकलकर हाइवे को जाम करदिया घण्टों तक हुए जमा की सूचना पर खैर विधायक अनूप बालमीकि भी मौके पर पहुच गए उनके द्वारा स्थानीय प्रशासन से बात की तो प्रशासन ने हाईकमान से सूचना ना आने का हवाला देदिये, विधायक का कहना था हम ग्रामीणों के साथ है परिजनों के अनुसार उनका बेटा आत्महत्या नहीं करसकता उनके बेटे की हत्या की गई है वो कहीं दूसरी जगह पोस्टेड होना चाहता था यही कारण है उसकी हत्या की गई है,

यह भी देखे : हाथरस के NINE to 9 बाजार में क्या है खास 

अपने क्षेत्र की खबरों के लिए डाउनलोड करें TV30 INDIA एप

http://is.gd/ApbsnE

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *