हाथरस : कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी रमेश रंजन ने समीक्षा बैठक की

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हाथरस : जिला नगरीय विकास अभिकरण डूडा द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक करते हुए जिलाधिकारी रमेश रंजन ने संचालित योजनाओं में अपेक्षित सुधार लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय किस्तों के लंबित भुगतान को तत्काल कराने के निर्देश दिए। जनपद में सक्रिय स्वयं सहायता समूह को अधिक से अधिक रोजगार मुहैया कराने के निर्देश दिए। शहरी बे-घरों के लिए आश्रय योजना के तहत निर्माणाधीन 70 बेड के रैन बसेरा को कार्यदायी संस्था से नगर पालिका को जांचोपरान्त हैंड ओवर कराने हेतु अपर जिलाधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने पी0ओ0 डूडा को अधिशासी अधिकारी नगर पालिका के माध्यम से अधिक से अधिक शहरी पथ विक्रेताओं को परिचय पत्र एवं प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर योजना में अपेक्षित सुधार लाने के निर्देश दिए तथा आसरा रिलोकेशन योजना की प्रगति संतोषजनक ना होने पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी को कार्यदायी संस्था एवं पी0ओ0 डूडा तथा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायतों के साथ बैठक करते हुए आवासों का निर्माण कार्य तत्काल पूर्ण कराते हुए पात्र लाभार्थियों को आवंटित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अपर जिलाधिकारी को शासन स्तर पर लंबित भुगतान आदि के संबंध में पत्र जारी कराने के निर्देश दिए। परियोजना अधिकारी जिला नगरीय विकास अभिकरण ने बताया कि जनपद में नगर पालिका,नगर पंचायतों की संख्या 9 है। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत समस्त नगर पालिका ,नगर पंचायतों में कुल 11964 लाभार्थियों का चिन्हित किया गया था जिसमें से 5317 लाभार्थी अपात्र एवं 6647 लाभार्थी पात्र पाए गए। उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन आवासों की संख्या 6341 है। 6747 लाभार्थियों को प्रथम किस्त, 5452 लाभार्थियों को द्वितीय किस्त तथा 3083 लाभार्थियों को तृतीय किस्त का भुगतान कर दिया गया है। अब तक पूर्ण आवासों की संख्या 3887 है। 183 प्रथम, 348 द्वितीय, 338 तृतीय किस्त के भुगतान किए जाने हेतु तहसील एवं निकाय स्तर पर जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि दीनदयाल अंत्योदय योजना, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत जनपद में 20 स्वयं सहायता समूह का गठन सफलतापूर्वक कराया जा चुका है। उनका खाता बैंकों में खुलवा दिया गया है, 17 समूहों को रिवाल्विंग फंड पैसा पोर्टल के माध्यम से अवमुक्त किया जा चुका है। शहरी आजीविका केंद्र का संचालन डूडा विभाग द्वारा किया जा रहा है। जिसमें 2978 लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन किया गया है, 234 कर्मचारियों को विभिन्न सरकारी कार्यालयों में रोजगार दिया जा चुका है। कौशल प्रशिक्षण एवं सेवायोजन के माध्यम से अब तक 300 लोगों तथा स्वरोजगार योजना के तहत 25 व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया गया है। शहरी पथ विक्रेताओं को चिन्हित कर 630 पथ विक्रेताओं को परिचय पत्र व पंजीकरण प्रमाण पत्र नगर पालिका द्वारा वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि शहरी बे-घरों के लिए 70 बेड का रेन बसेरा कार्यदायी संस्था सीएनडीएस द्वारा बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर योजना के तहत 5008 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था जिसके सापेक्ष गत माह तक 4595 का लक्ष्य पूर्ण कर लिया गया है। आसरा रिलोकेशन योजनान्तर्गत 60 आवासों के निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई थी जिसमें से 24 आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण करते हुए पात्र 24 लाभार्थियों को आवंटन कर दिया गया है तथा 36 आवास निर्माणाधीन है। बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी वि/रा0 जे0पी0 सिंह, प्रभारी अधिकारी कलैक्ट्रेट राजकुमार सिंह यादव आदि उपस्थित रहे।

इनपुट :- ब्रजमोहन ठेनुआ

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